Hesson debunks pitches ‘myth’, says there will be ‘variety’ at ODI World Cup
विश्व कप की तैयारियों पर माइक हेसन का बड़ा बयान
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य कोच माइक हेसन ने हाल ही में रावलपिंडी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे मैच के लिए तैयार की गई स्पिन-फ्रेंडली पिच का पुरजोर समर्थन किया है। इस मैच में पाकिस्तान ने पांच विकेट से शानदार जीत दर्ज की थी। पिच को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच, हेसन ने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन 2027 के वनडे विश्व कप की परिस्थितियों को लेकर पूरी तरह जागरूक है, जिसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे।
पिच की आलोचनाओं का खंडन
पहले वनडे में स्पिनरों का बोलबाला रहा। मैच में कुल 86.4 ओवर फेंके गए, जिनमें से 62.3 ओवर स्पिनरों द्वारा किए गए। मैच में गिरे कुल 15 विकेटों में से 11 विकेट स्पिनरों ने झटके। पाकिस्तान ने इस मैच में दो तेज गेंदबाजों और चार स्पिनरों के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया था। पदार्पण कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर अराफात मिन्हास ने पांच विकेट लेकर इतिहास रच दिया। रावलपिंडी की पिच धीमी और नीची रही, जिसकी काफी आलोचना हुई। आलोचकों का तर्क था कि विश्व कप की तैयारी के लिए यह पिच उपयुक्त नहीं है, क्योंकि वहां की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, माइक हेसन ने सोशल मीडिया पर इन दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं सुन रहा हूं कि पाकिस्तान की पिचें दक्षिण अफ्रीका विश्व कप के लिए आदर्श तैयारी नहीं हैं। पहली बात, विश्व कप संयुक्त रूप से दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित हो रहा है। जिम्बाब्वे और नामीबिया में ऐसी कई जगहें हैं जहां स्पिन एक बड़ी भूमिका निभाती है।’
दक्षिण अफ्रीका की पिचों का ‘मिथक’
हेसन ने आगे कहा, ‘यह मानना कि दक्षिण अफ्रीका की सभी पिचें तेज और उछाल वाली होती हैं, पूरी तरह गलत है। वहां भी पिचों में काफी विविधता है।’ उन्होंने दिसंबर 2024 के दौरे का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनकी टीम ने वहां स्पिन के दम पर जीत हासिल की थी। पार्ल और जोहान्सबर्ग में स्पिनरों ने मैच का रुख मोड़ दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम अगले 18 महीनों का उपयोग विभिन्न परिस्थितियों में ढलने के लिए करेगी।
गाजी गोरी का बड़ा खुलासा: बाबर आजम का साथ
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज गाजी गोरी ने अपनी सफलता का श्रेय बाबर आजम को दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले बात करते हुए गोरी ने कहा कि यद्यपि ऑस्ट्रेलिया की टीम में कई नियमित खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।
गोरी ने कहा, ‘बाबर आजम ने क्रीज पर मेरे साथ बहुत मदद की। उन्होंने मुझे परिस्थितियों के बारे में बताया और स्ट्राइक रोटेट करने की सलाह दी। अनुभवी बल्लेबाज के साथ होने से आत्मविश्वास बढ़ता है।’ गोरी ने 65 रनों की पारी खेलकर बाबर के साथ 127 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे पाकिस्तान ने मुश्किल लक्ष्य का पीछा आसानी से कर लिया।
भविष्य की राह
पाकिस्तान की टीम अब विश्व कप की तैयारियों के लिए अपनी कार्ययोजना पर सख्ती से काम कर रही है। कोच हेसन का मानना है कि केवल एक तरह की परिस्थितियों पर निर्भर रहने के बजाय, हर स्थिति के लिए तैयार रहना ही सफलता की कुंजी है। टीम का लक्ष्य अपनी स्पिन गेंदबाजी की ताकत को बनाए रखते हुए तेज गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करना है। 16 महीने बाद आने वाले इस महाकुंभ के लिए पाकिस्तान अभी से कमर कस चुका है और कोच हेसन के मार्गदर्शन में टीम एक संतुलित भविष्य की ओर देख रही है।
आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान अपने स्पिन आक्रमण के साथ अन्य टीमों को भी इसी तरह की कड़ी टक्कर दे पाता है या नहीं। प्रशंसकों को उम्मीद है कि हेसन का यह दृष्टिकोण विश्व कप में टीम के लिए फायदेमंद साबित होगा।