भारत बनाम अफगानिस्तान टेस्ट: टीम में बदलाव की आहट
भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही अफगानिस्तान के खिलाफ एक रोमांचक टेस्ट मैच की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र का हिस्सा नहीं है, जिसके कारण चयनकर्ताओं के पास वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देने और नए चेहरों को परखने का सुनहरा अवसर है। आईपीएल 2026 के शानदार प्रदर्शन के बाद, क्रिकेट के गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा देवदत्त पडिक्कल की हो रही है, जिन्हें टीम इंडिया में नंबर 3 के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
रविचंद्रन अश्विन का तर्क: क्यों पडिक्कल सबसे बेहतर हैं?
दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर देवदत्त पडिक्कल का समर्थन किया है। अश्विन का मानना है कि पडिक्कल न केवल तकनीकी रूप से परिपक्व हुए हैं, बल्कि स्पिन के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी में एक नई आक्रामकता भी आई है। अश्विन ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि देवदत्त पडिक्कल टेस्ट क्रिकेट में भारत के नंबर 3 बल्लेबाज बनें। उन्होंने पिछले कुछ समय में जिस तरह की बल्लेबाजी की है, वह वास्तव में सराहनीय है और वे एक लंबे मौके के हकदार हैं।’
अश्विन ने आगे बताया कि पडिक्कल ने अपनी तकनीक में सुधार करते हुए अब स्वीप और रिवर्स स्वीप का बेहतर इस्तेमाल करना सीख लिया है। पहले वे मुख्य रूप से बैकफुट पर स्पिनरों को खेलते थे, लेकिन अब वे अपने फुटवर्क का उपयोग करके गेंदबाजों पर दबाव बनाना जानते हैं। अश्विन के अनुसार, उनकी बल्लेबाजी में दिनेश कार्तिक जैसी चपलता और समझदारी दिखती है।
साई सुदर्शन बनाम देवदत्त पडिक्कल
विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास के बाद, भारतीय टेस्ट टीम एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है, जहां शुभमन गिल कप्तानी संभाल रहे हैं। नंबर 3 के स्थान के लिए साई सुदर्शन को चुना गया था, लेकिन अश्विन का मानना है कि यह फैसला थोड़ा अजीब था। अश्विन का कहना है कि आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने के कारण साई सुदर्शन को प्राथमिकता दी गई थी, जबकि टेस्ट क्रिकेट के मानकों में पडिक्कल दौड़ में आगे थे।
साई सुदर्शन ने अब तक 11 टेस्ट पारियों में केवल 302 रन बनाए हैं, और उनका औसत 27.45 रहा है, जो कि बहुत प्रभावशाली नहीं है। इसके विपरीत, देवदत्त पडिक्कल ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सत्र में 10 पारियों में 60.33 की औसत से 543 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल है। यह सांख्यिकी दर्शाती है कि पडिक्कल ने लाल गेंद के क्रिकेट में खुद को साबित किया है।
गौतम गंभीर का समर्थन और भविष्य की राह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेड कोच गौतम गंभीर भी देवदत्त पडिक्कल की क्षमता के बड़े प्रशंसक हैं। हालांकि शुभमन गिल अभी भी साई सुदर्शन का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन अगर खराब प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहता है, तो चयनकर्ता पडिक्कल को मौका देने पर विचार कर सकते हैं।
- रणजी ट्रॉफी प्रदर्शन: 10 पारियों में 543 रन (औसत 60.33)
- आईपीएल 2026: 12 मैचों में 367 रन (स्ट्राइक रेट 172.30)
पडिक्कल पहले ही 2024 में भारत के लिए दो टेस्ट खेल चुके हैं और अब एक बार फिर वे भारतीय टीम में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। क्या अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला यह एकमात्र टेस्ट मैच पडिक्कल के लिए भारतीय टेस्ट टीम का स्थायी सदस्य बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन आंकड़ों और अनुभवी खिलाड़ियों का समर्थन निश्चित रूप से उनके पक्ष में है।
क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई की चयन समिति पर टिकी हैं कि वे अफगानिस्तान के खिलाफ किस टीम का ऐलान करते हैं और क्या वे पडिक्कल पर भरोसा जताते हैं या नहीं।